tantraphilosophy

मंगलवार, 3 फ़रवरी 2009

कठोपनिषद् दिव्यामृत निवेदन

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प्रत्येक युग की अपनी कुछ विशेषताएं और अपनी कुछ पहचान होती हैं। स्वाधीनता प्राप्त होने उपरान्त लगभग पांच दशकों के कालखण्ड में भारत की अनेक क्...

निवेदन

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कठोपनिषद् दिव्यामृत 01 From Wikisource Jump to: navigation, search कठोपनिषद् दिव्यामृत लेखक - शिवानन्द निवेदन प्रत्येक युग की अपनी कुछ विशेष...

कठोपनिषद प्रवेश

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कठोपनिषद् दिव्यामृत प्रवेश भारत की एक प्रमुख विशेषता उसकी अटूट चिन्तन-परम्परा है। भारत के मनीषियों ने बहिर्मुखी जीवन के प्रलोभनो एवं आकर्षणो...
बुधवार, 8 अक्टूबर 2008

तंत्र मंत्र का परिचय

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यन्त्र मन्त्र तन्त्र भारतीय समाज में यन्त्र मन्त्र और तन्त्र के मामले में बहुत बुरी भ्रान्तियां फ़ैल चुकी है।मीडिया सीधे रूप से किसी मन्त्र ...
सोमवार, 25 अगस्त 2008

गणपति अथर्वशीर्ष

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गणपत्यथर्वशीर्ष July 22, 2008 – 5:01 pm ॥ श्री गणपत्यथर्वशीर्ष ॥॥ शान्ति पाठ ॥ॐ भद्रं कर्णेभिः शृणुयाम देवाः । भद्रं पश्येमाक्षभिर्यजत्राः ॥...

तंत्र परिचय

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तन्त्र शब्द के अर्थ बहुत विस्तृत हैं। यह शब्द ‘तन्’ और ‘त्र’ (ष्ट्रन) इन दो धातुओं से बना है, अतः “विस्तारपूर्वक तत्त्व को अपने अधीन करना”- ...
सोमवार, 11 अगस्त 2008

माला संस्कार

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प्रत्येक कामना पूर्ण करने हेतु जप, तप, यन्त्र, रत्न एम् अनुष्ठान इत्यादि का सहारा लेना पड़ता है, जिसमें माला के चयन की भूमिका अनिवार्य प्रत...
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